नौकरानी के सामने मा की चुदाई

हेलो गाइस, मेरा नामे डीपू है. पढ़िए कैसे मैने अपनी कंवली को अपनी रंडी बनाया, और उसको छोड़ता हू.

घर में जहाँ मैं और शिवनगी एक साथ रहते थे, मा भी अब आ गयी. पापा की डेत के 2.5 साल बाद मा हमारा घर छ्चोढ़ के कहीं आई है.

तो जैसा की अपने पिछले पार्ट में पढ़ा, की कैसे मैने अपने फ्रेंड रॉकी की मा छोड़ी, और उसने और मैने हम दोनो ने थ्रीसम किया. फिर जब मैं वहाँ से निकला तो शिवनगी का फोन पहले ही आ गया था. मैं जब घर पहुँचा तो मा सो रही थी. वो शाम 5 या 6 बजे का बोल के सोई थी.

मैने शिवनगी से पूछा: मा क्या बोली मेरे जाने के बाद?

शिवनगी: तुम यहाँ से गये उसके 10 मिनिट तक तुम्हारी मा रोटी रही, और फिर बाद में मैं उनके पास गयी और उनके साथ लेज़्बीयन सेक्स किया, जो हम तुम्हारे बाप के जाने के बाद किया करते थे.

मैं: साली तू मेरे से पहले मेरी मा की गुलाम बन गयी, और तूने मुझे ये क्यूँ नही बताया?

शिवनगी: तुम्हारी मा ने माना किया था इसलिए.

मैं: ओक.

फिर मैं 2 घंटे सोया और जब मैं उठा, तो शिवनगी उस वक़्त मेरे रूम में झाड़ू निकाल रही थी. मा की एक निघट्य में थी वो. बहुत सेक्सी लग रही थी. मैं उठा और शिवनगी को पीछे से जाके उसके बूब्स दबा दिए.

वो बोली: डीपू, उठ गये तुम?

मैने उसको खड़ा किया, और उसको किस करने लगा. इससे वो भी हॉर्नी फील करने लगी.

मैने उसको बोला: मेरे साथ सेक्स अभी करेगी, या मा के सामने?

शिवनगी: या मैं दोनो चूज़ नही कर सकती?

मैने कहा: क्यूँ नही.

फिर उसको किस करना स्टार्ट किया. उसकी निघट्य उतार के फेंक दी, और मैं उसकी छूट में फिंगर डालने लगा. मैने देखा की उसकी छूट पूरी गीली हो चुकी थी.

शिवनगी: डीपू तुम बहुत बदमाश हो. देखो तुमने मुझे हॉर्नी कर दिया. अब मेरी प्यास तुमको बुझानी पड़ेगी.

मैने कहा: क्यूँ नही.

मैने उसको अपने बेड पर लिटाया, और खुद उसके उपर 69 पोज़िशन में आके उसकी छूट लीक करने लगा. वो मेरा लंड एक पोर्नस्तर जैसे चूसने लगी, और फिर वो ज़्यादा उत्तेजित हो गयी. फिर मैने उसकी छूट में अपना लंड डाल दिया, और धक्के मारना स्टार्ट कर दिया. उसके बाद वो चिल्ला रही थी, सिसकारियाँ ले रही थी-

शिवनगी: अया अयाया अया, और करो मेरे डीपू, और करो. ऐसे ही मुझे अपनी रंडी बना के रखो. और जब तुम अपनी मा को छोड़ो, तो मुझे मत भूलना.

मैं: साली तुझे कैसे भूल सकता हू. तू तो इस सब की जड़ है.

और मैं उसको और ज़ोर-ज़ोर से पेलना शुरू कर देता हू. मुझे लगा मुझे कोई देख रहा था. मैने पीछे मूड के देखा, तो मा अपनी निघट्य में हाथ डाल के छूट मसल रही थी. मेरे से रहा नही गया, और मैं शिवनगी को जानवर की तरह छोड़ने लगा, जिससे उसका पानी छ्छूट गया.

30 मिनिट के बाद मैने उसकी छूट में पानी निकाल दिया, और फिर वो वहीं ढेर होके सो गयी. मैं खड़ा हुआ, जब बाहर आया तो देखा मा वहीं आँखें बंद करके खड़ी थी, और अपनी छूट में फिंगर करके मेरा और मेरे पापा का नामे ले रही थी.

मुझे लगा लोहा गरम था, हात्ोड़ा मार देना चाहिए. मैं मा के पास गया, और उसको किस करने लगा, जिससे की उसकी आँखें खुली. वो मुझे सामने देख के पीछे हटी, और बोली-

मा: अभी नही, 5 या 6 बजे तक मैं उस रंडी को बोल के तुमको बुला लूँगी.

मैने कहा: ओक मेरी जान.

फिर मैं उसको किस करने लगा. मैने उसकी निघट्य उठा कर छूट पर किस की, और मैं वहाँ से चला गया. उसके बाद मैं घर से बाहर आ गया, और शाम के लिए कुछ डेरी मिल्क और वियाग्रा आंड ऑल लेने के लिए. मैने सोचा की आज अपनी मा को बिना कॉंडम छोड़ूँगा. फिर मैं अपनी फ्रेंड और मेरी दूसरी रंडी कोमल के यहाँ गया.

मैं च्छूप के उनके घर में गया, तो देखा की रॉकी अपनी मा को पीछे से छोड़ रहा था. मुझे भी मॅन हुआ, तो मैं भी उनको जाय्न किया. पर मुझे यहाँ एक अलग चीज़ दिखाई दी बेड पर. जब मैने देखा तो वहाँ एक डिल्डो था. मुझे कुछ समझ नही आया. फिर मैं उसपे ध्यान ना देते हुए सीधा कोमल के मूह के सामने गया नंगा होके. वो मुझे देख के एक-दूं खुश हो गयी.

कोमल: आओ मेरे राजा, मुझे बड़ी इक्चा थी की मैं आज और थ्रीसम करू.

मैने अपना लंड निकाला, और कोमल के मूह पर रख के उसके मूह को छोड़ने लगा. पीछे से रॉकी अपनी मा की छूट मार रहा था, और वो बस मूह बंद होने के कारण एम्म हह ह्म की आवाज़े निकाल रही थी. मैने 15 मिनिट तक उसका मूह छोड़ा, और तब तक रॉकी ने अपना पानी उसके बूब्स पर निकाल दिया. फिर वो जाके साइड में बैठ के हमे देखने लगा.

फिर मैने कोमल के पीछे जाके उसकी गांद में लंड डाला, तो वो मुझे रोकने लगी. मैने उसके माना करने पर भी उसकी गांद में अपना लंड थूक लगा के डाल दिया. इससे उसको थोड़ी प्राब्लम हुई, और वो थोड़ी सी धीरे आवाज़ में चिल्लाने लगी. मैं मज़े से उसकी गांद पीछे से मारने लगा.

उसके बाद मैने पोज़िशन चेंज की, और उसकी छूट में लंड डाल के छोड़ने लगा. मिनिमम 30 मिनिट के बाद मैं डिसचार्ज हुआ, और इस बार कोमल भी मेरे साथ अपनी छूट का पानी छोढ़ने लगी. मैं वैसे ही वहाँ पर थोड़ी देर के लिए सो गया. मैं 4:30 का अलार्म लगा के सो गया था.

जब मेरी आँख खुली तो देखा 4:45 हो रहे थे. शिवनगी का मेसेज आया हुआ था की 5:30 तक घर आ जाना तुम्हारी मा ने बोला है. मैं जब मेसेज सीन करके कपड़े पहन के बाहर आया तो देखा कोमल अभी भी नंगी किचन में खाना बना रही थी. मैं उसके पीछे गया, और जाके पीछे से उसकी गांद चाटने लगा.

फिर उसको तुर्न करके उसकी छूट छाती. उसके बाद हम 69 पोज़िशन में आए. वो मेरा लंड चूस रही थी, पर इस बार मैने अपने आप पर कंट्रोल रखा. पर कोमल एक बार और डिसचार्ज हो गयी, और मुझे बोली-

कोमल: मैं बहुत एंजाय करती हू तुम्हारे साथ.

फिर करीब 5:30 पर मैने समान लिया और अपने घर की और चल दिया. शिवनगी ने गाते खोला और बोली-

शिवनगी: आज तुम्हारी मा तुमको बहुत ही बड़ा सर्प्राइज़ देने वाली है. पर उससे पहले उन्होने बोला की तुमको खाना खिला डू.

मैं: क्या तुम भी मुझे और मा को सेक्स करते हुए देखोगी? ये मुझे बहुत अछा लगेगा, अगर तुमको बुरा ना लगे तो.

शिवनगी एक-दूं से खुश हो गयी, और मेरे गले लग गयी. वो मुझे थॅंक्स बोलने लगी. . . की . . . .. . खाना . .. . मा . . को बोल दिया मुझे . भेजने को.

मैं अंदर गया तो मा एक शादी की दुल्हन की तरह साज के बैठी थी. मैं जाके उनके पास बैठा और उनका घूँघट उपर किया. मेरे होश उडद गये. क्या लग रही थी वो. सॉरी दोस्तों मा का नामे नही बताया. मा का नामे है दिव्या. उनकी बॉडी एक-दूं क़ास्सी हुई और वेल मेंटेंड है. बूब्स 38द साइज़ के है, और वो देखने में एक-दूं मधुरी डिक्सिट की तरह है.

मैने जब उनको देखा तो 2 मिनिट के लिए मुझे लगा ही नही के ये मेरी मा थी. फिर मैने मा को बोला-

मैं: आप बहुत आचे लग रहे हो.

तो इस पर वो स्माइल पास की और बोली-

दिव्या: तेरे पापा की डेत के बाद आज फर्स्ट टाइम किसी मर्द के सामने सेक्स के लिए बैठी हू. उनके साथ रिलेशन्षिप में आने से पहले भी ना मेरा कोई ब्फ था. ना उनके बाद, और मेरी ये शर्त है की तू मुझे एक रंडी की तरह ट्रीट नही करेगा. बिल्कुल प्यार से मेरे साथ प्यार करेगा. और हा, जो चीज़ मैं बोलू करने को, तो तुझे वो सब करनी होंगी चाहे तुझे पसंद हो या नही.

मैं: ओक, सब करूँगा, और अब से सेक्स के लिए मैं कभी पापा की कमी महसूस नही होने दूँगा. पर मेरी एक शर्त है, की जब हम सेक्स करेंगे, तब शिवनगी यहाँ बैठी रहेगी और हमे देख के एंजाय करेगी.

मेरी ये बात सुन के मों ने हा कहा. फिर मैं जाके शिवनगी को बिल्कुल नंगा गोद में उठा के ला कर चेर में बिता दिया. फिर मा के पास आके उनको किस स्टार्ट कर दी, जिसमे मा मेरा पूरा साथ दे रही थी. करीब 5 मिनिट की किस के बाद मैने मा के कपड़े उतारने शुरू किए.

अब वो ब्रा-पनटी में थी. मैने ब्रा देखी तो वो बिल्कुल ऐसी थी, जो बीच पर अँग्रेज़ औरतें पहनती है. मैने एक हाथ से उसको फाड़ के साइड में शिवनगी पर फेंक डीका. पनटी में मा की छूट का रस्स लगा हुआ था, जो शिवनगी फील कर रही थी. मैं मा को किस करते-करते उनकी छूट चाटने लगा. छूट एक-दूं सॉफ और क्लीन थी, और उभरी हुई गांद देख के मेरा मॅन बहुत अछा फील कर रहा था. जब मैं मा की छूट चाट रहा था, तो उन्होने मुझे कहा-

मा: राजा सुनो, तुम 69 पोज़िशन में आओ, और मुझे तुम्हारा लंड चूसना है.

मैने कहा: ओक.

फिर हम 69 में आए, और एक-दूसरे के पार्ट्स को लीक करने लगे. जब मैं मा की छूट चाट रहा था, तो वो आवाज़े निकल रही थी, जिससे मैं और उत्तेजित हो रहा था.

फिर मा बोली: बेटा अब नही रहा जाता. मुझे छोड़ दे, और मत तडपा. मैं 2.5 साल से लंड के लिए तड़प रही हू.

मैने देर ना करते हुए मा की छूट पर थूक लगाया, और फिर मैने अपना लंड सेट किया, और धीरे-धीरे मा की छूट में लंड डालना शुरू किया. छूट टाइट थी, पर मैने एक ज़ोर का धक्का मारा, जिससे मा चिल्लाने लगी-

मा: बहुत दर्द हो रहा है. बाहर निकाल इसको.

पर मैने मा की एक ना सुनी, और उनको छोड़ता गया. 5 मिनिट बाद मा का दर्द सिसकारियों में बदल गया, और मा के मूह से निकला-

मा: आ अया अया और छोड़ मुझे, और छोड़ मुझे, मेरा बेटा राजा छोड़ मुझे. रंडी बना ले पर सब से हाइ वाली जिस को प्यार से छोड़ते है.

मैं मा के मूह से ये बात सुन के और तेज़-तेज़ उनको छोड़ने लगा. मा 10 मिनिट के अंदर झाड़ गयी, पर मेरा नही हुआ था. क्यूंकी मैने विग्रा भी ले रखी थी, और मैं बस मा को छोड़ रहा था. फिर मैं मा को बोला की डॉगी स्टाइल में आओ. वो आई, और मैने उनकी छूट पीछे से मारनी शुरू कर दी.

फिर थोड़ी देर बाद मैने अपना लंड मा की गांद पर सेट किया. इसका मा को बिल्कुल भी मालूम नही चला. उसके बाद मैने एक तेज़ धक्का मारा जिससे मा दर्द से चिल्लाने लगी-

मा: मदारचोड़, गांद में किसने बोला?

तो शिवनगी बोली: में साहब, ये बिना पूछे बीच चुदाई में ही गांद में लंड डाल देते है.

अब मैं मा की गांद मार रहा था. वो थोड़ी देर चिल्लाई, और फिर मज़े लेने लगी. करीब 30 मिनिट की बाद मैं और मा साथ में डिसचार्ज हुए. तो मैने मा को बोला-

मैं: मैं आपके लिए ई-पिल लेकर आ जाता हू, जिससे आप मा ना बनो.

तो मा ने कहा: नही, अब मैं मा नही बन सकती. तुम्हारे होने के बाद तुम्हारे पापा और मैने दोनो ने नसबंदी करवा दी थी. मैं ये बात सुन के बहुत खुश हुआ और मैं मा को किस करने लगा.

फिर मा उठी और बोली: चल.

मैने बोला: कहाँ?

तो बोली: तू चल.

मैं चला गया तो मा ने मुझे टाय्लेट पर सर उपर की तरफ करके बैठने को बोला.

मैने कहा: क्यूँ?

तो बोली: मुझे सस्यू आई है. मैं और तेरे पापा सेक्स के बाद हमेशा ये करते थे. अब वो है नही, तो तू ही मेरी ये प्यास बुझाएगा.

इतना बोल के वो मेरे मूह पर छूट लाके मूतने लगी, और मैं उनका मूट पीने लगा. हमे ये करते देख शिवनगी ने मा से बोला-

शिवनगी: मुझे भी आई है. क्या मैं भी ये करू?

तो मा बोली: आजा, ये आज से तेरा भी पति है.

फिर वो दोनो मेरे उपर मूतने लगे. जब मुझे आया तो दोनो को नीचे बिता के मैं उनके मूह और बूब्स पर मूतने लगा. फिर हम साथ में नहाने लगे, और मैने वहाँ मा की गांद और शिवनगी की छूट छोड़ी.

तो कैसी लगी मेरी ये कहानी प्लीज़ कॉमेंट करके ज़रूर बताए, और मुझे अपनी फीडबॅक मस्ट दे. नेक्स्ट स्टोरी में बतौँगा कैसे मैने फोरसम किया, वो भी कोमल दिव्या और शिवनगी के साथ. तब तक के लिए बाइ.

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