बहन की शादी से नाखुश भाई की कहानी

इस सेक्स स्टोरी के बहुत सारे पार्ट्स हो सकते है. स्टोरी में आपको पता लगेगा की कैसे मैने मेरी बेहन को शादी के बाद प्रेग्नेंट किया.

मेरा नाम अंश है. मेरी उमर 27 साल है. इस स्टोरी के समय मेरी उमर 21 साल थी. मेरी बेहन का नाम उषा है. उसकी उमर उसे टाइम 25 साल थी. उसका फिगर 34-30-36 था.

हम दोनो भाई-बेहन देल्ही फ्लॅट में रहते थे. हमारे मा-बाप गाओं में रहते थे. उनका वहाँ बिज़्नेस था. हमारा फ्लॅट 1 भक था. हम एक ही बेड पर सोते थे.

मैं मेरी दीदी से बहुत खुला था, और वो भी मेरे से बहुत खुली थी. हम दोनो एक-दूसरे के सामने कपड़े भी चेंज कर लिया करते थे. हम दोनो एक-दूसरे से अपनी सारी बात शेर करते थे, जैसे की हमारे गर्लफ्रेंड-बाय्फ्रेंड. मेरी बेहन मेरे बारे में सब कुछ जानती थी, और मैं भी उसके बारे में सब कुछ जानता था.

मैं और दीदी बहुत ओपन माइंडेड है, तो हम ज़्यादातर छ्होटे कपड़ों में भी सो जाते थे. ज़्यादातर मैं सिर्फ़ एक शॉर्ट्स में सोता था, और मेरी बेहन भी शॉर्ट्स और ब्रा में सोती थी. कभी आराम से नंगे भी सो जाते थे, अगर गर्मी लगती थी तो. हमारे रूम में एसी नही था, इसलिए गर्मियों में हमारी मजबूरी हो जाती थी.

अगर सोते वक़्त मैं मेरी बेहन को छ्छूता था, तो वो ऐतराज़ नही करती थी बिल्कुल भी. चिपक के सोने की आदत थी हमे, क्यूंकी हमारे बीच में प्यार बहुत था. मेरी बड़ी बेहन मुझे बहुत मासूम समझती थी, और मैं उस टाइम मासूम भी था. हमारा रिश्ता बिल्कुल पवितरा था. हमने आज तक एक-दूसरे को कोई गंदी नज़र से नही देखा था कभी भी. यहाँ तक की वो मुझे अपने रिलेशन्षिप स्टेटस के बारे में बता देती.

वो काई बार अपने बाय्फ्रेंड को भी हमारे फ्लॅट पर लाती थी. मैं बाहर हॉल में चादर बिछा के सो जाता था, और वो दोनो कमरे में सोते थे बेड पर. वो सेक्स भी करते थे. मैने उनको काई बार देखा था, पर मेरी बेहन को मुझे बताने में कोई दिक्कत नही थी. यहाँ तक की वो मुझे खुद ही बता देती थी, की कल मैने सेक्स किया है अपने बाय्फ्रेंड के साथ, और अपने एक्सपीरियेन्सस शेर कर देती.

एक दिन मेरी रात को आँख खुल गयी, तो मैने देखा की मेरी बेहन का बाय्फ्रेंड मेरी बेहन को छोड़ रहा था मिशनरी में. वो उसके बूब्स दबा रहा था, और मेरी बेहन बहुत तेज़ मोन कर रही थी. मेरा लंड अचानक से खड़ा हो गया, और पता नही कब मेरा हाथ मेरी निक्कर में चला गया. मैने उस दिन पहली बार अपनी बेहन को देख कर मूठ मारी.

फिर अगले दिन जब मैं बेहन के साथ सोया, तो मैं नंगा ही सो गया. मैं बेहन से चिपक कर सोया, और मैने उसकी शॉर्ट्स में हाथ डाल दिया. जैसे ही मैने उसकी छूट को टच किया, तो वो बिल्कुल गीली थी. अब मैं हाथ डाल कर ही उसकी शॉर्ट्स में सो गया. जब मैं सुबह उठा तो दीदी भी मेरे साथ ही उठ गयी.

उसने पाया की उसकी शॉर्ट्स बिल्कुल गीली थी और वो कम से पूरी भारी हुई थी. मेरे अंडरवेर का भी यही हाल था. मेरी दीदी ने मुझे कुछ नही बोला. ये हमारे बीच में नॉर्मल था. काई बार ग़लती से भी हो जाता था.

मेरी दीदी जल्दी से उठी, और बातरूम में गयी. फिर अपने आप को सॉफ करके आई, और चेंज कर लिया. मैं भी उसके बाद बातरूम में गया, और मूठ मारी. उस दिन मैने पुर बातरूम की दीवारों पर अपना मूठ मार कर माल निकाल दिया. ऐसा लग रहा था की मेरे लंड से आज बहुत सारा कम निकला. वो कम आज तक का सबसे ज़्यादा माल था.

2-3 दिन ऐसे ही चला, और हम नॉर्मल हो गये. फिर एक दिन हमारे पापा हमारे फ्लॅट पर आए और बोलने लगे-

पापा: कल हम तुम्हारी बेहन के लिए लड़का देखेंगे. तो हमे देल्ही से गुरगाओं जाना पड़ेगा. सुबह जल्दी उठ जाना.

पापा हॉल में सो गये और मैं और बेहन बेड पर सो गये. पापा के फ्लॅट पे होने की वजह से मैं और मेरी बेहन ने पुर कपड़े पहने हुए थे. बेड पर सोते हुए मैने बेहन की छूट में उंगली करी. फिर सुबह जब उठे, तो उषा की पुर पंत में कम भरा पड़ा था. जैसे ही हम उठे, तो हम दर्र गये की इस हालत में अगर पापा ने देख लिया तो हम मारे जाएँगे.

मेरी बेहन ने जल्दी से मुझे उठाया, और वो नहाने चली गयी. जैसे ही मैं नहा के आया, हम गुरगाओं के लिए निकल गये दीदी के लिए लड़का देखने के लिए. मैं खुश भी था और उदास भी था. मैं नही चाहता था की बेहन मुझे छ्चोढ़ कर कहीं जाए. और ना ही मैं बेहन को कभी गंदी नज़र से देखता था. ये मानो की हममे नॅचुरल हो गया था एक-दूसरे को छ्छूना.

जैसे हम गुरगाओं पहुँचे, हमे वो लड़के की फॅमिली मिली. लड़का देखने में बहुत ही सज्जन था, और परिवार बहुत ही शांत किस्म का लग रहा था. जैसे ही मेरी बेहन और वो मिले, तो उन्होने 2 घंटे आपस में बात करी.

बात करने के बाद उन्होने डिसाइड किया की वो शादी करेंगे आपस में. ये डिसाइड होने के बाद दोनो परिवारों ने डिसाइड किया की एंगेज्मेंट वहीं कर देते है, बाद में खर्चा नही होगा. हम भी एक मिड्ल क्लास फॅमिली से थे, और वो भी एक मिड्ल क्लास फॅमिली में से.

फिर जब हमने वहाँ खाना खाया, तब दोनो परिवारों डिसाइड किया की इनकी शादी अगले ही महीने कर देंगे. मेरी बेहन बहुत ही खुश थी, हमारा परिवार भी, और लड़के का परिवार भी. उनका नाम अतुल था, और वो सॉफ्टवेर इंजिनियर थे.

पर मेरे मॅन में पता नही क्यूँ उदासी छ्छा गयी और मुझे लगने लगा की मेरी बेहन मेरे पास एक महीने के लिए ही थी, और फिर वो मुझे हमेशा-हमेशा के लिए छ्चोढ़ कर चली जाएगी. मैं बिल्कुल भी नही चाहता था मेरी बेहन कहीं जाए. मैं चाहता था की उसके साथ ही राहु और अपनी ज़िंदगी उसके साथ बिठौ.

जब हम देल्ही वापस पहुँचे, तो पापा और मम्मी वापस गाओं चले गये. फ्लॅट पर मैं और मेरी बेहन रह गये थे एक महीने के लिए. क्यूंकी एक महीने बाद मेरी बेहन की शादी थी. इसलिए हमने फ्लॅट ओनर को बोल दिया था की हम एक महीने बाद फ्लॅट खाली करेंगे.

मैने सोच लिया था की बेहन के जाने के बाद मैं एक प्ग ले लूँगा. देल्ही जैसे शहर में किराया बहुत ज़्यादा है, और प्ग सस्ते में मिल जाएगा. मैने सोच लिया की जब तक बेहन मेरे साथ थी, मैं बेहन के साथ ही रहूँगा, और ज़्यादा से ज़्यादा टाइम उसके साथ रहूँगा.

तो रात को मैं बेहन के साथ बिल्कुल नंगा सोने लगा, और बेहन भी मेरा साथ देने लगी. वो भी ब्रा में सोती थी, और नीचे पनटी पहनती थी. अब मैं रोज़ रात उसकी छूट में उंगली करता था, और वो मेरा लंड पकड़ कर सोती थी. हम रोज़ सुबह उठते तो हमारी पनटी का बुरा हाल होता था, और रात को कभी कभार मैं उसकी ब्रा उतार कर उसके बूब्स दबोच देता.

ऐसे ही 15 दिन चलता रहा, और अब शादी के लिए सिर्फ़ 15 दिन बचे थे. अब एक दिन ऐसा हुआ की हमे रात को नींद नही आ रही थी, तो हम बातें करने लगे. उस वक़्त मैने हिम्मत करके मेरी बेहन से कह दिया की-

मैं: मैं तुमसे प्यार करता हू. मैं बिल्कुल नही चाहता की तुम शादी करो.

तो बेहन बोलने लगी: चाहती तो मैं भी नही, की तुमसे डोर हो जौ. पर जो तुम रात को मेरे साथ करते हो, वो सही नही है, और हमे ये सब बंद करना होगा. अब तुम और हम बड़े हो गये है.

पर मैने बेहन की एक ना सुनी, और उसके बूब्स पर हाथ रख दिए. दीदी ने मेरा हाथ नही उठाया, ना ही कुछ बोली. वो नीचे देखने लगी. मैने इस चीज़ का फ़ायदा उठाया, और उसे किस करने लगा. मैं उषा के लिप्स को चूसा और काटने लगा. उस रात हम किस करते-करते चिपक कर सो गये.

सोते समय मैं नंगा हो गया, और दीदी की ब्रा भी उतार दी. फिर उनके बूब्स दबाने लगा, कभी रगड़ता, तो कभी दबाता, तो कभी उनकी छूट में उंगली करता.

ऐसे ही सुबह हो गयी. जैसे ही मैं उठा, तो मैने अपने आप को अपनी बेहन की बाहों में पाया. मैं नंगा था, और बेहन सिर्फ़ पनटी में थी. वो भी पूरी तरह भीगी हुई थी, और उसमे से रस्स तपाक रहा था.

उषा दीदी उठी तो अपने आप को मेरे से आज़ाद करके नहाने चली गयी बातरूम के अंदर. जाते ही मैने गाते बजाया, तो उन्होने गाते खोल दिया बातरूम का. मैं जल्दी से गया, और नंगा ही दीदी के साथ नहाने लगा.

दीदी भी मुझे पुर शरीर पर साबुन लगा रही थी. मैं भी दीदी के बूब्स, छूट, गांद, कमर पेट, और पुर शरीर पर साबुन लगाया, और पुर शरीर को रगड़ा. पानी की बूंदे बेहन के जिस्म पर गिरी हुई ऐसी लग रही थी की कोई मोटी हो. फिर ऐसे ही 15 दिन निकल गये, और इससे आयेज हमारे बीच अभी कुछ नही हुआ था.

आयेज जानने के लिए रेड करे इस स्टोरी का अगला पार्ट. अगर कोई गुरगाओं में लड़की भाभी या शादी-शुदा आंटी वन नाइट स्टॅंड या दिन मे मज़े करना चाहती हो, तो मुझे कॉंटॅक्ट करे. पर्सनल मसाज सेशन भी दिए जाते है. उनकी फीस 500 पर अवर है. आप मैल करके अपायंटमेंट ले सकती है. फीडबॅक के लिए –[email protected]

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