मैं: आ, बस बस जावेद, बस करो. मम्मी दर्द होरा है!
जावेद: चुप होज़ा उम्म, चूसने दे साली. बहुत मुलायम पेट है तेरा.
जावेद ने मुझे सुबह से अपने रूम पर बुला रखा था. मुझे पहले ही वो 3 बार रग़ाद कर छोड़ चुका था. मेरी हालत खराब हो चुकी थी. जैसे ही मैं सारी पहन कर जाने लगी, जावेद ने मुझे फिर से खींच कर मेरे मुलायम पेट और नाभि पर काट कर चूसना शुरू कर दिया.
मैं बुरी तरह हानफते हुए सिसकियाँ ले रही थी, और जावेद मेरा मुलायम पेट और नाभि को चबा कर काट रहा था. 30 मिनिट हो चुके थे. मेरा पेट पूरा लाल-नीला, और नाभि भी सूज गयी थी. फिर एंड में-
मैं: आ मेरी नाभि काट जाएगी जावेद. अफ बहुत ज़ालिम हो उम्म्म हुहह मॅर गयी.
जावेद: उम्म, मज़ा आ गया भेंचोड़. तेरा मुलायम पेट चूस कर मज़ा आ जाता है, आ तेरी नाभि.
सुबह से कुछ नही खाया था, और वैसे ही जावेद ने मेरी जान निकाल दी थी. मैं वहीं बैठ गयी, और अपना नीला-लाल पेट देखने लगी.
मैं: आहह, बहुत भूखे हो तुम आहह.
जावेद मुस्कुराने लगा, और मैं भी शर्मा गयी. फिर उसने मुझे किस करा, और मेरा पेट मसालने लगा.
जावेद: कल फिर तुझे यहीं पर आना है समझी? तुझे 1 हफ्ते तक ऐसे ही प्यार करूँगा.
मैं (शरमाते हुए): एक हफ्ते तक मुझे निचोढ़ दोगे तुम तो. मेरी चीख निकल जाती है, पर तुम नही रुकते.
जावेद: अब क्या करू मेरी निकिता. तेरा मादक जिस्म बहुत कमसिन है. लंड खड़ा ही रहता है.
मैं शर्मा गयी.
मैं: फिर जब तुम जैल चले जाओगे, मुझे आराम मिल जाएगा.
जावेद: आराम नही, तुझे रोज़ मेरे से जैल में मिलने आना है, मस्त चिकनी सारी पहन कर.
मैं शर्मा गयी.
मैं: जैल में भी?
जावेद: और क्या, सब को दिखौँगा मेरी मस्त चिकनी गर्लफ्रेंड. तेरी चिकनी कमर और मुलायम पेट देख कर सब के लंड का पानी निकल जाएगा. फिर वहीं जैल में तुझे आचे से चूस कर निचोढ़ुंगा.
मैं (शरमाते हुए): बहुत बदमाश हो. जैल में भी मानोगे नही.
जावेद: बिल्कुल नही. और पैसे लेके आई जो मैने बोला था?
मैं: हा लाई हू.
मैं घर से पैसे अपने ब्लाउस में च्छूपा कर लाई थी. इससे पहले मैं कुछ बोलती, जावेद ने मेरे ब्लाउस में हाथ डाला, और पैसे निकाल कर गिनने लगा.
जावेद: आअहह, तेरे चुचे के अंदर गरम-गरम नोट.
मैं शर्मा कर हस्स पड़ी और जावेद ने पैसे रख लिए.
मैं: अछा अब मुझे घर छ्चोढ़ दो. लाते हो गया है.
फिर जावेद मुझे लेके ऑटो में बैठ गया, और मुझे अपनी गोदी में बिता कर, मेरे ब्लाउस मेइज हाथ डाल कर, चुचे पकड़ लिए.
मैं: ह.
फिर ऑटो चल पड़ा. ऑटो जावेद के दोस्त का ही था, इसलिए जावेद पूरा रास्ते मेरे चुचो को आचे से चूस्टा हुआ आया. फिर 30 मिनिट बाद मुझे घर छ्चोढ़ दिया. मेरा जिस्म पूरा टूट चुका था. मेरी साँस भी फूल रही थी. मैं घर के अंदर गयी, और अपना पेट पल्लू से छुपा लिया.
मम्मी: अर्रे निकिता, तू तो बहुत ताकि हुई लग रही है, जैसे किसी ने तेरा जूस निकाल दिया हो. क्या हुआ बेटा?
मैं: कुछ नही मम्मी, बस थोड़ी थकावट है.
मैं चुप-छाप अपने रूम में भाग गयी, और गाते लॉक करके सो गयी. जावेद ने पूरा दिन मुझे तोड़ कर रख दिया था. मुझे एक-दूं नींद आ गयी.
मैं 26 साल की निकिता शर्मा, और मेरा बाय्फ्रेंड जावेद ख़ान. जावेद 34 साल का लंबा चौड़ा हमारे मोहल्ले का बदमाश था. मेरा पीछे करके आख़िर जावेद ने मुझे अपना बना लिया था. तब से जावेद मुझे हफ्ते में 5-6 बार आचे से पूरा दिन रग़ाद कर चूस्टा था, और मुझे छोड़-छोड़ कर तोड़ने के बाद ही मुझे घर जाने देता था.
उसकी ख्वाहिश पर मैं रोज़ सारी और टाइट ब्लाउस पहन कर जाती थी. रोज़ सुबह नहा-धो कर जैसे ही मैं जावेद के रूम पर जाती, जावेद मुझे अपने बिस्तर पर खींच लेता, और मेरा ब्लाउस फाड़ भूखे कुत्तों की तरह मेरे निपल को चबा-चबा कर उनको निचोढ़ देता.
फिर मेरा पल्लू खींच कर मेरे मुलायम पेट और नाभि को चबा कर पूरा पेट लाल-नीला कर देता. फिर उसी बेड पर मेरी सारी खोल कर मुझे शाम होने तक रग़ाद कर छोड़ता. जावेद के मोटे लंबे लंड से मेरी चीख निकल जाती थी, पर जावेद भी रुकता नही था. मेरी गरम टाइट छूट को अंदर तक झटके मार कर फाड़ देता. मैं पूरा दिन बेड पर चीखती रहती, और जावेद उतना ही ज़ोर से मुझे छोड़ता.
फिर मुझे घर पर छ्चोढ़ कर अगले दिन का वेट करता. अब आपको बताती हू जावेद मेरे मादक जिस्म को कैसे और किस तरह आचे से मज़े लेकर छोड़ता था.
अगली सुबह मैं फिर से सारी पहन कर रेडी हो गयी. 9 बजे थे. तभी जावेद का कॉल आ गया.
जावेद: मेरी चिकनी आइटम रेडी हो गयी?
मैं (शरमाते हुए): हा हो गयी.
जावेद: आअहह ज़रा फोटो भेज अपनी.
मैने जावेद को अपनी सारी में सेल्फिे खींच कर भेजी.
जावेद: उम्म्म, ज़रा पल्लू और साइड कर, तेरा मुलायम पेट पूरा चमक नही रहा. और सारी नाभि से और नीचे कर दे.
मैने उसकी बात मानते हुए अपना पल्लू और साइड कर दिया, और सारी भी नाभि से नीचे कर दी. मेरा पूरा पेट सॉफ चमकने लगा, उपर से मैने आयिल भी लगा लिया था. मुझे शरम आने लगी, पर क्या करती, अपने बाय्फ्रेंड जावेद की बात ताल नही सकती थी. वो भी देख कर खुश हो गया.
जावेद: चल अब बस स्टॅंड पर आजा. आज तुझे बस में लेके जौंगा.
मैं: बस में तो भीड़ होगी जावेद ऑटो में चलो ना.
जावेद: हा, पहले भीड़ में आचे से तेरा मुलायम पेट और जिस्म नोच कर मज़ा लूँगा. फिर तुझे छोड़ूँगा.
मैं: बदमाश कहीं के, तुम सुधरोगे नही.
जावेद: नही सुध्ृंगा. ऐसे ही तुझे चूसूंगा रोज़.
मैं शर्मा कर हस्स पड़ी, और बस स्टॅंड पर जाने लगी. वहाँ जावेद नही था. सुबह 10 बजे की धूप में मेरा मुलायम गोरा पेट पूरा चमक रहा था, और नाभि भी. पीछे से ब्लाउस में मेरी नंगी चिकनी कमर पर पसीना आ रहा था. टाइट ब्लाउस में आधे चुचे बाहर निकल रहे थे, जिसको मैने किसी तरह पल्लू से ढाका हुआ था. पर फिर भी वो चमक रहे थे.
आस-पास के लोग मेरा चमकता हुआ पेट और नाभि देख कर लंड मसालने लगे. मैं शर्मा कर खड़ी थी. तभी जावेद सिगरेट पीटा हुआ आ गया, और मेरे पास आते ही सब के सामने मेरी चिकनी कमर को नोच कर पकड़ लिया. मैं भी शर्मा कर मूह झुका कर खड़ी हो गयी.
जावेद: आअहह, बहुत चिकनी लग रही है आज तू. यहीं तेरा मुलायम पेट पकड़ कर कच्चा चबा जौ, बोल साली?
मैं शर्मा कर मुस्कुराने लगी, और जावेद बस स्टॅंड पर ही सारी में मेरी कमर नोच कर मसालने लगा. मेरी साँस तेज़ होने लगी, और जावेद मस्ती से सिगरेट पीते हुए मेरी कमर और पेट को कस्स के नोच कर मसल रहा था.
जावेद: आहह, मस्त चिकनी लग रही है तू निकिता. उउंम साली, आज तो तुझे अछा चबा कर खुआंगा उम्म्म्म.
तभी जावेद ने मेरी कमर को पूरी ताक़त से नाख़ून से नोच कर मसल दिया.
मई: आ हुहह हुहह हुउंम.
मेरी साँस और तेज़ हो गयी. जावेद और खरॉच कर मेरी नंगी कमर को पीछे से मसालने लगा. तभी कुछ देर बाद जावेद का दोस्त आफताब भी आ गया. आफताब को देखते ही मैने शर्मा कर मूह नीचे कर लिया. आफताब बहुत बदमाश था जावेद की तरह. लेकिन वो भी भाभी बोल कर मेरे जिस्म पर पूरी नज़र डालता था.
मुझे सारी में ऐसे देख कर वो घूरता रह गया. जावेद उसके सामने मेरी कमर और कस्स के नोचने लगा. मैं शर्मा कर मूह झुका कर खड़ी हो गयी.
आफताब (मेरा चमकता हुआ पेट और नाभि घूरते हुए): भाभी कैसी हो?
मैं (शरमाते हुए): अची हू.