मोम के साथ फ्रेंडशिप

ही फ्रेंड्स, लास्ट स्टोरी थोड़ी लंबी हो गयी थी, सो साइट मॅनेजर को उसे दो पार्ट में डिवाइड करना पड़ा. आपके कुछ कॉमेंट्स आए की स्टोरी में सेक्स के रिलेटेड कुछ ज़्यादा नही था. बुत फ्रेंड्स, आपको जो चीज़ समझने की ज़रूरत है, वो है एमोशन्स. और उसके बिना तो साला सेक्स भी एक इन आंड आउट वाला प्रोसेस ही है.

सो, आपको मैं वो पुर एमोशन्स शेर करूँगा, जो मैने महसूस किए है. और उसे जब आप भी फील करेंगे, तब आप मुझसे, इस स्टोरी से, मेरी प्यारी मों से, मेरी राही से कनेक्ट कर पाओगे.

उस दिन मों का मैने नाप लिया बॉडी का. उसके बाद मैं और मों हम दोनो कुछ ऑक्वर्ड सा फील कर रहे थे. हम दोनो ने एक-दूसरे से फिर कुछ ज़्यादा बात नही की, और लंच के बाद दोनो अपने-अपने कमरे में चले गये. मैं अपने फोन पे टाइम पास कर रहा था, और मों का छत बॉक्स लॅपटॉप पे ओपन था. वो रिंकू आंटी से बात कर रही थी.

मों: देख रिंकू, तेरे कहने पे मैने शाज़ को एस किया. और आज उसने मेरा मेषर्मेंट लिया (और मों ने आंटी को सब बता दिया).

रिंकू: तो तुझे दिक्कत किस चीज़ की है? जब हम अपने कपड़े सिलाने जाते है, तो टेलर हमारा नाप लेता ही है ना. वो भी तो हमे यहाँ-वहाँ टच करता है.

मों: अर्रे वो अलग है. वो पराया है. उसको हमे रोज़ फेस करना नही होता. और शाज़ को आचे से नाप लेना भी नही आता.

रिंकू: अछा जी, पराया टच करे तो ओक, अपना टच करे तो प्राब्लम. और अगर उसे नही आता तो तू सीखा दे उसे. मैने उसकी आँखों में पॉज़िटिविटी देखी है तुम्हे लेकर. वो तुम्हे चेंज करना चाहता है, और उसको भी बिज़्नेस बिल्ड करना है. हे केर्स फॉर योउ. जो केर तुम्हारे हब्बी को करनी चाहिए थी, वो बेटा कर रहा है. योउ’रे सो लकी. और उसे नही आता, तो उसे तू सीखा दे. अगर तू हेल्प नही कर पाती, तो मुझे बोल दे. मैं उसे सीखा दूँगी.

मों: अर्रे नही-नही, ऐसी बात नही. मैं उसे सीखा दूँगी, बस मुझे तोड़ा टाइम चाहिए. कुछ वक़्त लगेगा अड्जस्ट होने में.

रिंकू: हा, कोई बात नही. 1 वीक तक होज़ा अड्जस्ट, और अगले वीक तू उसको सिखाएगी आचे से.

मों: ओक मेरी मा. जैसा तू कहे. चल अब तोड़ा रेस्ट कर लेती हू. बाइ.

रिंकू: ओक डार्लिंग, बाइ.

उसके बाद ऐसे ही दिन निकल गया. नेक्स्ट दे मॉर्निंग को पापा के जाने के बाद मैं मों के पास गया. वो सोफे पे बैठ कर छाई पी रही थी.

मे: ही मों. कल से तुमने मुझसे बात ही नही की, नाराज़ हो क्या?

मों: नही बेटा, ऐसा कुछ नही. वो काम ही इतना था की टाइम ही नही मिला.

मे: फिर ओक (स्माइल देकर मैं मों की बगल में ही बैठ गया.) कल तुम्हारा नाप लेते टाइम अगर कुछ बुरा लगा हो तो ई’म सॉरी. वो मुझे आइडिया नही की लॅडीस का नाप आचे से कैसे लेते है. मुझे लगता है की मुझे किसी आचे लॅडीस टेलर से सीखना चाहिए.

मों: ह्म्‍म्म्म…

मे: या फिर…

मों: या फिर क्या?

मे: तुम मुझे सीखा सकती हो. तुम्हे भी तो थोड़ी बहुत सिलाई आती है (मों घर पे टाइम पास के लिए ये सीखी हुई थी).

मों (कुछ देर सोचने के बाद): ओक. तुम इतना कह रहे हो तो मैं सीखा दूँगी इस सनडे को.

क्यूंकी मेरे फादर का क्लिनिक सनडे को भी आफ्टरनून तक ओपन रहता है. इसके बदले वो फ्राइडे को आफ्टरनून के बाद क्लोज़ रखते है. और सनडे क्लिनिक के बाद वो मोस्ट्ली घर पे नही आते. अपने फ्रेंड्स के पास जाते है. पिछले काई सालों से ये उनका शेड्यूल है.

बाकी दीनो में सुबह से शाम, और कभी सीज़न में देर रात तक वो क्लिनिक पे ही रहते है. और घर पे ठंडी वाइफ हो, और क्लिनिक पे नये लड़की, आंटीस सब आते हो, तो फिर घर पे कों टाइम स्पेंड करेगा?

मे: सनडे क्यूँ मों? आज से ही शुरू करते है.

क्यूंकी हमारे णेMअ की ट्रैनिंग में सिखाया जाता है, की जब भी चान्स मिले, तुमको कस्टमर के साथ डील क्लोज़ करते रहना है. अगर वो एस बोले तो अपना फ़ायदा है, और नो बोले, तो नेक्स्ट टाइम ट्राइ करना. सो मैने भी डील क्लोज़ करने का ट्राइ किया.

मे: मों, तुम सनडे तक मुझे सिख़ाओ, और सनडे मैं खुद करूँगा, और तुम उसे चेक करना.

मों: बहुत ज़िद्दी हो, रूको. मैं पहले तोड़ा काम निपटा डू.

फिर घर पे सब काम ख़तम करके मों ने मुझे ड्रॉयिंग रूम में बुलाया. मैं गया तो मों ने देख लिया की विंडोस क्लोज़ थी. सो मों ने मुझे गाते भी क्लोज़ करने को बोला. फिर उसके बाद मों ने मुझे अपने पास बुलाया, और मेरे हाथो में इंची टेप दे दी.

उसके बाद मों ने बोला: चलो मेरी कमर का नाप लो.

मैने पहले तो तोड़ा शरमाने की और हिचकिचाने की आक्टिंग की. फिर इंची टेप को मों की कमर पे लगाया, और उसे लगते हुए मैने अपनी उंगलियों को भी कमर पे रखा. मों तोड़ा अनकंफर्टबल हो कर हिली.

फिर मैने बोला: अब लो वेस्ट (हिप्स) का करना है

तो मों ने सिखाया की कहाँ से कहाँ ले जाना है. सो इस टाइम मैने टेप ले जाते हुए मों की गांद के उपर हाथ रख दिया. मों के मूह से “आ” निकल गयी.

मे: क्या हुआ?

मों: कुछ नही बेटा. वो बस ऐसे ही.

फिर मैने मों के पेट का, और उनके आर्म्स का नाप लिया. थाइस का मों ने खुद ही ले लिया. फिर उसकी बारी आई, जिसका मुझे बेसब्री से इंतेज़ार था, मों की चेस्ट. यानी के उसके रसीले मज़ेदार बूब्स. मों ने मुझे गाइड किया, और मैं उनका नाप ले रहा था.

मैं उनकी बॅक को टच करते हुए जब आयेज की और आया, और जब बूब्स को टच करते हुए नाप लिया, तो फिर से मों के मूह से आ निकल गयी. और मों ने टेप हटते हुए कहा-

मों: बेटा बाकी बाद में सीखौँगी. मुझे अभी कुछ काम है, और तुझे भी कॉलेज जाने के लिए लाते हो जाएगा.

फिर जब शाम को कॉलेज से वापस आया, तो मों मुझे स्माइल करके बात की. मुझे उसकी स्माइल कुछ अलग लगी आज. मों का बिहेवियर भी कुछ अलग सा लगा. मैने अपने बेडरूम में जेया कर लॅपटॉप में व्हातसपप ओपन किया, तो मुझे आइडिया आया की मों ऐसा क्यूँ कर रही थी. मों और रिंकू आंटी की कॉन्वर्सेशन थी.

मों: देख रिंकू. जैसा तूने कहा था, वैसे मैने उसे आज सब सीखने का ट्राइ किया. पर अब ये मुझसे ज़्यादा नही होगा.

रिंकू: क्यूँ, क्या हुआ?

मों: जब वो नाप लेता है. तो मुझे उसकी बॉडी टच हो रही थी.

रिंकू: अर्रे तो इसमे क्या हुआ? हम बस में ट्रॅवेल करते है, या फिर मार्केट में, या थियेटर में जाते है. तो हमे दूसरे मर्दों का बॉडी टच होता ही है ना. योउ जस्ट रिलॅक्स.

मों: हा, पर ये मेरा बेटा है.

रिंकू: तो एक काम कर ना. उससे फ्रेंडशिप करले, और उसे फ्रेंड की तरहा ट्रीट कर. तो फिर तेरी भी झीजक डोर हो जाएगी. और तू कंफर्टबल फील करेगी.

मों: ह्म…ये आइडिया सही है.

फिर जब मों किचन में खाना बना रही थी, तब मैने जेया कर मों को हल्का सा हग किया.

मों: क्या हुआ बेटा, आज हग क्यूँ?

मे: मों, आज सुबह को जो हुआ. ई मीन की मुझे आपको, यानी की आपकी बॉडी का पूरा ट्रॅन्स्फर्मेशन करना है. आपको एक न्यू पर्सन बनाना है, जिसमे भरपूर कॉन्फिडेन्स हो. और उसका पहला स्टेप है आचे से मेषर्मेंट्स लेना. क्यूंकी उसके बसे पे ही हम तुम्हारी प्रोग्रेस को मॉनिटर कर सकेंगे. रिघ्त?

मों: ह्म… रिघ्त.

मे: और मुझे लगता है, की इसके बीच में हमारा मों-सोन का रिश्ता बीच में आ रहा है. सो मेरा मानना है की तुम मुझे अपना हेल्त गाइड या कोच समझो. और तुम्हे मैं कस्टमर समझूंगा. जैसे की एक डॉक्टर और पेशेंट का रिलेशन्षिप, की जैसे पेशेंट अपने डॉक्टर से शरमाता नही है, और वो डॉक्टर से सारी बात भी शेर करता है. वैसे ही हम एक-दूसरे से बिहेव करेंगे. तुम क्या बोलती हो?

मों: ह्म… आइडिया तो बुरा नही. पर बेटा, हम अगर क्लाइंट गाइड की बजाए फ्रेंड्स बन कर बिहेव करे तो? ये कैसा रहेगा?

मे (कुछ देर सोचने की आक्टिंग करते हुए): ओक मों, ये भी अछा है. अब से तुम मेरी क्लाइंट कम फ्रेंड हो, पर एक दिक्कत है?

मों: क्या?

मे: फ्रेंड्स एक-दूसरे को नामे से बुलाते है. तो इस हिसाब से…

मों: हा-हा, ठीक है. तुम भी मुझे नामे से बुलाना.

मे: कों से नामे से, रहीज़ा या बिट्टू? (मों को तोड़ा चिढ़ते हुए)

मों: नही, वो वाला तो बिल्कुल नही.

मे: तो ठीक है. मैं तुम्हे एक नये नामे से बूलौँगा, राही.

मों: इतना भी बुरा नही है. पर बेटा याद रखना, की ये सब तब जब तुम्हारे पापा घर पे ना हो. उनके सामने कुछ नही.

मे (रब ने बना दी जोड़ी स्टाइल मैं): डॉन’त वरी, रही पार्ट्नर. योउ नो फियर, ई आम हियर.

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