करवा चौथ की शाम

मेरे होंठ धीरे धीरे उसकी चूत की तरफ बड़ रहे थे

और फिर मैने अपने होंठ उसकी चूत पर रखदिए

मै उसकी चूत के होंठो को खोलकर उसमे जीभ डालके उप्पर नीचे चाट रहा था

जैसे कोई बच्चा कुलफी लीक करता है

उसकी चूत के दाने को उंगली से रगड़ रहा था

मै उसकी चूत मे जीभ डालके चूत मे अंदर बाहर कर रहा था

7-8 मिंट चूत को चखने के बाद मैने महसूस किया की

उसके हाथ मेरे बालो को खीच रहे थे अब वो मेरे सिर को चूत मे ले रही है

पर वो मूह से कुछ भी नही बोल रही थी बस आँखे बंद करके मज़ा ले रही थी और अपने होंठो को काट रही थी

मैने भी मोके का फयडा उठाया. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मै 69 की पोज़िशन मे आ गया

और उसकी चूत लीक करते हुए

लोडा उसके मूह पर रख दिया

मेरे हल्के से ड़बाने पर ही उसने मूह खोल दिया पर आँखे अब भी बंद ही थी शायद शर्म से

अब हम एक दूसरे के अंगो को चूस रहे थे

मुझे उसकी चूत से निकलता प्रिकम अच्छा लग रहा था

मेरा सब्र अब टूट रहा था

मैने उससे कहा मुझे तेरी चूत मारनी है अब

उसने कुछ नही कहा और लंड मूह से निकाल दिया

मुझे उसकी चुप्पी अच्छी नही लग रही थी

मैने उससे कुतिया पोज़ मे आने को कहा

वो चुपचाप अपने घुटनो के बल हो गई

मैने भी सोच लिया जब तक ये खुद नही बोलेगी इसकी चूत मै लंड नही डालूँगा

मैने उसकी चूत पर अपना लोडा रखा और रगड़ने लगा और गांड के छेद को सहला रहा था

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वो बार-बार झटके मार रही थी

लंड चूत मे लेने की कोशिश कर रही थी

मैने घुस्से मे उसकी मस्त गांड पर एक तमाचा मारा और पूछ साली घुसा डालु अपना कला लंड तेरी चूत मे ??

वो चुप थी मैने फिर उसकी गांड पर एक तमाचा मारा और कहा जवाब दे हरामजादी

तो वो शरमाई सी आवाज़ मे बोली डाल दीजिए

और दोस्तो मै बता नही सकता उसके ये वर्ड्स सुनकर मुझे कैसा लगा

मैने बिना कुछ सोचे ही उसकी कमर पकड़ी और एक झटका मार दिया पूरी ताक़त से

जो हुआ ना उसे उम्मीद थी ना मुझे की मै इतनी ज़ोर से लंड डालूँगा

वो दर्द से चिल्ला पड़ि थी

और मुझे भी थोड़ा दर्द हुआ ये लंड डालके उससे चिपक गया उसकी उठी हुई गांड पर सिर रख के चूम रहा था

उसने कहा प्लीज़ आराम से करो दर्द हो रहा

मैने धीरे धीरे चोदना शुरू किया

और फिर वो कहने लगी ज़ोर और ज़ोर से मेरे राजा आहह आहह

उफफफफफ्फ़ आज तुमने मेरी हालत खराब करदी

उफफफ्फ़ मेरी चूत चाटके तुमने मुझे खुश कर दिया

कभी मेरे पति ने मेरी चूत नही चाटी उफ़फ्फ़ हमेशा चाहती थी कोई मेरी चूत को अपनी जीभ से चोदे

आहह मै ज़ोर ज़ोर से धक्के मार रहा था

आहह सच मे उसकी चूत की गर्मी से मेरा लोडा जल रहा था

मै अपनी मिड्ल फिंगर को मूह मे लेके गीला करता हू और उसकी गांड के छेद मे डालने लगता हू

ऊफ्फ्फ्फ चूत की चुदाई उप्पर से गांड मे उंगली उसे शायद मुझसे ज़्यादा मज़ा आ रहा था

मै भी उसे चोद रहा था और मा बेहन की गंदी गंदी गलिया दे रहा था

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आहह उसके पति को भला बुरा कह रहा था आहह आहह

और वो मादरचोद रांड़ मेरी हर गाली पर और ज़ोर से गांड हिलाके जवाब देती, मेरे हर झटके का जवाब वो दे रही थी

मैने उसे बेड से उठाया और दीवार के साथ लगाया

मै उसकी बड़ी चुचियो को अपने सीने पर महसूस करना चाहता था

मैने उसे खड़ा करके उसकी चूत मे

लंड पकड़ के डालने को कहा उसे

ऊफ्फ्फ्फ उसने खुद मेरा लोडा अपनी चूत के छेद पर रखा

और मैने उसकी आँखो मे देखते हुए एक ज़ोर का झटका मारा और पूरा लोडा उसकी चूत मे डाल दिया

ऊफ्फ्फ्फ झटके पर उसकी आअहह निकली और मैने उसके होंठो को अपने होंठो मे दबा लिया

उसकी चुचिया उछल-उछल के मेरे सीने मे रगड़ रही थी और उसके होंठ और ज़ुबान मेरे होंठो और ज़ुबान से लड़ रहे थे

ऐसे ही खड़े-खड़े मै उसे चोदता रहा

ऊफ्फ्फ्फ मै झड़ने वाला था

मैने पूछा कहा लेगी चूत मे या मूह मे

जो उसने कहा वो सुनके मै हैरान भी था और खुश भी

वो घुटनो के बल बैठ गई और मेरे लोडे को मूह मे लेके कहा निकालो अब

तोडो मेरा व्रत मेरे स्वामी

आआहह ये सब सुनके मेरे लंड से रहा नही गया और सारा पानी उसके मुहमे भर दिया

वो चुदक्कड़ रांड़ मेरा सारा पानी पी गई.

ऊफ्फ्फ्फ अब जा कर मुझे कुछ अच्छा लग रहा था

लेकिन अचानक मुझे याद आया अब तक उसका पति भी नही आया

मैने पूछा तो बोली, वो नही आएँगे काम ज़्यादा है ऑफीस से फोन आया था

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