एक्स-गर्लफ्रेंड की ताबाद-तोड़ चुदाई की कहानी

मेरा नाम हर्ष है, उमर 25 साल और लंड 7.5 इंचस का है. मेरी हाइट और बॉडी आवरेज है, बुत स्टॅमिना बहुत ज़्यादा है. मेरी एक्स-गर्लफ्रेंड जिसका नाम साक्षी है, वो बहुत ही सेक्सी और चब्बी है. हमारा रिलेशन्षिप ज़्यादा नही चला, और अब तो 9 साल हो गये है ब्रेकप को.

एप्रिल महीने की बात है, जब साक्षी मुंबई आई थी. उसने मुझे कॉल की और कहा-

साक्षी: मैं मुंबई में हू, और तुमसे मिलना चाहती हू. हमारे बीच अक्सर बातें होती थी. ब्रेकप होने के बावजूद हम आचे दोस्त ज़रूर थे. मैं तोड़ा बिज़ी था तो मैने उससे कहा-

मे: सनडे को मिलते है, वीकडेस में मेरे पास टाइम नही है.

साक्षी: ठीक है.

और ऐसे ही हम इधर-उधर की बातें करने लगे. बातों-बातों में साक्षी ने मुझसे पूछा-

साक्षी: तुम अभी भी सिंगल हो? या तुम्हे कोई मिल गयी?

मे: सिंगल ही हू.

और इतना बोलते ही मैने उसको बोला: बाद में बात करते है, अभी मैं ऑफीस में हू.

फिर सनडे मॉर्निंग को मैने उसको कॉल की-

मे: गुड मॉर्निंग साक्षी, बता क्या कर रही है?

साक्षी: गुड मॉर्निंग, कुछ नही, बस अभी उठी हू.

फिर मैने उसको मिलने के लिए कहा, तो उसने मुझे उसके रिलेटिव्स के घर ही बुला लिया. पहले मैने माना किया, फिर उसने मुझे कहा-

साक्षी: तुम्हे सब जानते है. तुम आ जाओ, किसी को कुछ बुरा नही लगेगा. और वैसे भी कल सुबा तो मैं वापस चली जौंगी.

हमने आफ्टरनून का मिलने का प्लान किया, और मैं उसके घर दोपहर 1 बजे पहुचा. साक्षी ने मुझे अंदर बुलाया, और बैठने को कहा. फिर मैने उससे पूछा-

मे: कहा है सब लोग?

साक्षी: कों सब लोग? आज यहा कोई भी नही है.

मे: तो मुझे क्यूँ बुलाया यहा पे? अपन कही बाहर ही मिल लेते.

साक्षी: नही यार, मैं बहुत दिन से बाहर ही घूम रही हू, सोचा तुम्हे यही बुला देती हू. वैसे भी हमे मिले हुए बहुत टाइम हो गया है.

मे: हा यार, टाइम तो बहुत हो गया है. 3 साल पहले मिले थे.

साक्षी: वही तो, बता क्या खाएगा?

मे: जो तुझे अछा लगे, ऑर्डर करले.

फिर हमने बाहर से ऑर्डर करके लंच किया, और ऐसे ही रॅंडम टॉक्स करने लगे. फिर मैने उससे पूछा-

मे: साक्षी, तुम्हारा कोई बाय्फ्रेंड?

साक्षी: नही.

साक्षी: तुम बताओ, तुम्हारी को गर्लफ्रेंड?

मे: नही है, तुम्हे पहले भी तो बताया था.

साक्षी: तो इसका मतलब अब तक तुम वर्जिन हो?

मे: नही, सेक्स तो मैने बहुत किया है.

साक्षी: गर्लफ्रेंड तो है नही, तो सेक्स किससे किया?

मे: मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती है. मैने उनके साथ लगातार 10 दिन सेक्स किया है. तेरा बता, तूने कुछ किया या नही अब तक?

साक्षी: किया ना एक बार.

मे: अछा है.

फिर साक्षी ने मुझसे भाभी की फोटो माँगी. तो मैने भी जान बूझ कर वही फोटो दिखाई जिसमे भाभी ने मेरा लंड उनके हाथ में रखा था.

साक्षी डांग रह गयी, और वो बोली-

साक्षी: है, ये लंड तुम्हारा है इतना बड़ा?

मे: तुम्हे और कोई दिख रहा है क्या फोटो में?

साक्षी: नही, पर इतना बड़ा. भाभी को तो मज़े आते होंगे.

फिर वो मुझसे सब पूछने लगी, कैसे मैने उनको छोड़ा, और मैने भी उसको सब बता दिया. फिर वो बीच में बात काट कर उठ गयी और बोलने लगी-

साक्षी: मैं जेया रही हू अंदर सोने. मुझे नींद आ रही है. तुम भी हॉल में सो जाओ थोड़ी देर. फिर अपन कही बाहर चलेंगे डिन्नर के लिए.

मैने हा कर दी, और मैं वही पड़े सोफा पे लेट गया. मुझे कुछ ख़ास नींद नही आ रही थी, तो मैं मेरी और भाभी की फोटोस और वीडियोस देखने लगा, और मूठ मारने लगा. कुछ देर बाद मैने मूठ मारनी बंद की, और मैं साक्षी के रूम में जाने लगा.

दरवाज़ा तोड़ा खुला था, तो मुझे साक्षी की गांद दिखाई दी. क्यूंकी वो एक तरफ मूड कर सोई थी. मैं उसकी गांद को देख कर अपनी पंत के उपर से ही मूठ मार रहा था. क्या बतौ, दोस्तों, साक्षी की गांद. आहह, क्या मस्त लग रही थी. मॅन तो कर रहा था की तुरंत उसके कपड़े उतार कर उसकी गांद में अपना लंड डाल डू.

फिर मैं बाहर आ गया. कुछ देर बाद साक्षी भी बाहर आई, और मुझसे कहने लगी-

साक्षी: उठो ना हर्ष, मुझे कुछ बात करनी है.

मे: हा बोलो.

साक्षी: चलो अंदर सेक्स करते है.

मे: क्या? ये क्या बोल रही हो?

साक्षी: जब से तुम्हारा लंड देखा है, मुझसे रहा नही जेया रहा है. मुझे असली में तुम्हारा लंड देखना है.

मॅन तो मेरा भी बहुत कर रहा था साक्षी को छोड़ने का. जब से उसकी गांद देखी थी, तब से मैं उसको छोड़ना चाहता था.

मैने उससे पूछा: पक्का? अगर कोई आ जाएगा तो?

साक्षी: कोई नही आएगा, सब फंक्षन में गये हुए है.

मे: ठीक है.

फिर मैं सोफा से उठा, और साक्षी को भी खड़ा किया और उसके होंठ से होंठ मिला कर उसको चूमने लगा. साक्षी भी मेरा साथ आचे से दे रही थी, और एक हाथ से मेरी पंत के उपर से मेरे लंड को सहला रही थी. हम एक-दूसरे को चूमते-चूमते अंदर बेडरूम में चले गये.

फिर मैने साक्षी को बेड पे लिटा दिया, और मैं उसके उपर आ कर उसके होंठ चूसने लगा, और मैं उसके होंठ काटने लगा.

फिर मैं खड़ा हुआ, और मैने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए, और तब तक साक्षी ने भी अपने सारे कपड़े निकाल लिए थे. बिना कपड़ों के साक्षी और भी ज़्यादा सेक्सी लग रही थी.

उसके बड़े बूब्स, उसकी छूट, और उसका गोरा बदन देख कर मैं मदहोश हुए जेया रहा था. फिर साक्षी मेरे पास आई, और मुझे चूमने लगी, और चूमते-चूमते नीचे बैठ गयी.

नीचे बैठ कर उसने मेरे लंड पे थूका, और उसको हिलने लगी. साथ ही उसकी छूट में वो उंगली भी करने लगी. लंड हिलाते-हिलाते वो बोली-

साक्षी: सच में, तुम्हारा लंड काफ़ी बड़ा है, तुम हर औरत को सुखी रख सकते हो. मुझे तुम्हारा लंड मूह में लेना है. आ, मज़ा आ रहा है तुम्हारा लंड हिला कर. आ, आज तो मेरी छूट का भोंसड़ा बना दो.

उसकी ये सब बातों से मेरे में और उत्तेजना जागी, और मैने अपने हाथ से अपना लंड साक्षी के मूह में डाला, और उसको अंदर-बाहर करने लगा. और वो भी मूह चुदाई का मज़ा लेने लगी. फिर मैने थोड़े और धक्के तेज़ किए, और उसको भी ज़्यादा मज़ा आने लगा.

10 मिनिट की लंड चुसाई के बाद वो खड़ी हुई, और उसने मुझे गले लगाया, और कान में बोला-

साक्षी: छूट मारनी है या गांद?

मे: दोनो.

साक्षी: चलो फिर.

फिर मैने साक्षी को बेड पे बिताया, और उसके मामए दबाने लगा, और उसके निपल्स चूसने लगा. वो मज़े में सिसकियाँ ले रही थी.

साक्षी: आहह, और करो, आ मज़ा आ रहा है, आ ऐसे ही करते रहो.

मैने उसके माममे बहुत ज़ोर से दबाए, और इतने ज़ोर से दबाए की वो लाल हो गये. फिर साक्षी ने मेरा मूह अपने हाथ में लिया और मेरे होंठ पे थूका और उसको चूसने लगी. हमने फिरसे 5 मिनिट तक चूमा, और फिर मैने उसको बेड पे लिटा दिया, और नीचे चला गया.

साक्षी की छूट बिल्कुल सॉफ थी, पर गुलाबी नही थी. पर मुझे उससे कुछ फराक नही पड़ता. मैने उसके जांघें चूमि, और उसकी छूट फैला दी, और उस पर थूक कर उसको चाटने लगा. पहले तो मैने उसकी छूट एक-दूं प्यार से छाती, और वो भी धीरे-धीरे आवाज़े निकालने लगी.

फिर मैने अपनी एक उंगली साक्षी की छूट में डाली, और उसको तेज़ी से अंदर-बाहर करने लगा. उसने ज़ोर से चिल्लाना शुरू किया, और एक हाथ से बेडशीट को कस्स कर पकड़ा, और एक हाथ से मेरे माथे को अपनी टाँगो के बीच में दबा लिया.

उसकी सेक्सी आवाज़े सुन कर मुझे और जोश चढ़ा, और मैने अपनी दूसरी उंगली भी उसकी छूट में डाल दी, और अंदर-बाहर करनी चालू की.

कुछ 2 मिनिट बाद वो झाड़ गयी, और मेरी उंगली पे लगे पानी को चाट कर मुझे चूमने लगी. फिर मैं खड़ा हो कर दीवार पे चला गया, और उसको इशारा करके बुलाया.

वो मेरे पास आई, तो मैने उसको दीवार से सत्ता दिया, और उसकी पीठ चूमते हुए नीचे चला गया. मैने उसके गांद पे 2 थप्पड़ लगाए, और उसकी टांगे फैला दी. फिर मैं उठा, और अपना लंड उसकी छूट में सेट करने लगा. उसकी छूट बहुत टाइट थी, उस वजह से मेरा लंड अंदर नही जेया पा रहा था.

फिर मैने अपने हाथ पे थूक कर लंड पे लगाया, और पूरा फैलाया, और फिरसे मैने एक धक्का मारने की कोशिश की. पर मेरा लंड अंदर ही नही जेया रहा था. फिर साक्षी तेल लेकर आई, और उसने मेरे लंड पे तेल लगाया, और अपनी छूट पे भी तोड़ा सा लगाया. फिर वो अपने हाथ से मेरे लंड को उसकी छूट पे सेट करने लगी.

मैने उसके मूह पे हाथ रखा, और एक धक्का ज़ोर से मारा. मेरा तोड़ा सा लंड अंदर चला गया था, और वो काँप रही थी. क्यूंकी मेरा हाथ उसके मूह पर था, तो उसकी आवाज़े नही आ रही थी.

फिर 2 मिनिट मैं ऐसे ही रहा, और फिरसे मैने एक धक्का मारा तो मेरा लंड और अंदर चला गया. उसकी छूट बहुत ज़्यादा टाइट थी, तो मेरे 2 धक्के से ही उसको खून आने लग गया. खून देख कर मैं दर्र गया था, तो मैने अपना लंड बाहर निकाला. तब वो बोली-

साक्षी: अब डाल दो, मुझे ये दर्द सहन करना है. पता नही फिर कब तुम्हारे साथ छोड़ने का मौका मिलेगा.

इतना सुनते ही, मैने फिरसे अपना लंड साक्षी की छूट में घुसाया और उसको छोड़ने लगा. छोड़ते वक़्त मैं उसकी गर्दन पे चूम रहा था, और एक हाथ से उसकी छूट भी रग़ाद रहा था, जिससे उससे दर्द भी हो रहा था, और मज़ा भी आ रहा था.

मैने धक्के की रफ़्तार कम रखी थी, ताकि उसको ज़्यादा दर्द ना हो. पर थोड़ी देर बाद वो खुद ही कहने लगी-

साक्षी: आहह, और ज़ोर से, और ज़ोर से, आ पानी निकाल दो मेरा आज. आ बहुत बड़ा लंड है तुम्हारा.

फिर मैने तेज़ी से धक्के मारने शुरू किए. और वो मेरे लंड पे ही झाड़ गयी, और मुझसे अलग हो कर नीचे बैठी, और मेरे लंड को चूसने लगी. वो मेरे लंड को पूरा अंदर तक ले रही थी, और अपना लगा हुआ पानी सॉफ कर रही थी.

फिर वो खड़ी हुई, और उसने मुझे बेड पे लिटाया, और मेरे लंड को फिरसे चूसना शुरू किया. 5 मिनिट लंड चूसने के बाद वो मेरे लंड पे बैठ गयी. वो कुछ इस प्रकार से बैठी थी, की मुझे उसकी गांद दिखाई दे रही थी.

उसने मेरा लंड अपनी छूट पे सेट किया और उछालने लगी, और मैने भी उसके बगल से हाथ अंदर डाल के उसके बूब्स दबाना चालू किया. वो धीरे-धीरे उछाल रही थी, और उछलते-उछलते वो अपने होंठ दबा रही थी और, उहह आ की आवाज़े निकाल रही थी.

फिर मैने उसको रुकने को कहा, और मैने फिरसे ज़ोरदार उसकी छूट को छोड़ना चालू किया. वो मेरे लंड पे हाथ लगाए थी, और मैं उसको छोड़े जेया रहा था. फिर मैने पोज़िशन चेंज की, और उसको मेरे बगल में लिटाया, और उसकी एक टाँग को अपने हाथ में पकड़ कर, उसकी गांद पे मेरा लंड रख दिया. उसकी गांद का च्छेद बहुत ज़्यादा टाइट था, पर मुझे उसकी गांद भी मारनी थी.

मैने हल्के से अपने लंड को उसकी गांद के छेड़ पे रखा, और एक धक्का मारा, पर लंड अंदर नही गया. तो मैने उसकी टांगे और फैलाई, और फिरसे एक धक्का मारा, और मेरे लंड का सूपड़ा अंदर चला गया.

जैसे ही लंड का कुछ हिस्सा अंदर गया, वो छिला उठी: आ, मॅर गयी, आ छूट कम थी क्या, जो अब गांद में भी डाल रहा है? आ निकाल इसको, बहुत दर्द हो रहा है.

पर मैने उसकी एक ना सुनी, और धीरे-धीरे धक्के देना शुरू किया. उसकी गांद से भी खून निकल रहा था, पर इस बार मैने ज़्यादा ध्यान नही दिया, और उसकी गांद मारना जारी रखा. फिर थोड़ी देर बाद मैने अपनी रफ़्तार बधाई और मैं उसकी गांद बहुत ज़ोर से मारने लगा.

कुछ 5 -7 मिनिट बाद वो झाड़ गयी, और मेरा भी पानी निकालने वाला था, तो मैने उससे पूछा-

मैं: कहा लेना पसंद करोगी?

साक्षी: जहा तूमे पसंद हो वाहा डाल दो.

फिर मैं सीधा लेट गया बेड पे और उससे कहा: मेरा लंड हिलती रहो, जब तक मेरा पानी ना निकले, तब तक. और जहा भी मेरा पानी निकलेगा, उस हिस्से को चाट कर सॉफ कर लेना.

फिर वो मुझे चूमने लगी, और एक हाथ से मेरा लंड हिलने लगी. कुछ 2-3 मिनिट हिलने के बाद मेरा पानी निकालने वाला था, और वो ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगी.

आख़िर में मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया, और मेरा वीर्या तोड़ा उसके मूह पर गया, तोड़ा मेरे पेट पर लगा, और तोड़ा उसके हाथ पर. फिर उसने मेरा लंड चूसा, और उस पर लगे वीर्या को सॉफ किया. फिर मेरे पेट पे लगे पानी को सॉफ किया, और मेरे बगल में आके सोने लगी, और कहने लगी-

साक्षी: थॅंक योउ! हर्ष, बहुत मज़ा आया, दर्द भी हुआ, पर मज़ा भी बहुत आया. वादा करो अगली बार जब हम मिलेगे, तो तुम मुझे ऐसे ही छोड़ोगे.

मे: अगली बार कब मिलेंगे पता नही. इस बार तुम्हे छोड़ के मुझे भी बहुत मज़ा आया.

साक्षी: बातरूम चलो, एक-दूसरे को नहलते है.

फिर हम बातरूम में गये, और एक-दूसरे के शरीर को सॉफ करने लगे. सॉफ करते-करते साक्षी ने मेरा लंड डूबरा खड़ा कर दिया था. वो फिरसे मेरे लंड को हिलने लगी, और मुझे चूमने लगी.

फिर हम बाहर आए, और वो बोली: एक और रौंद करते है.

मे: नही यार, अभी नही, अभी मैं निकलता हू. फिर तेरे सब घर वाले भी आ जाएँगे.

साक्षी: रात तक कोई नही आएगा. चल ना करते है. अभी नही तो 1 घंटे बाद करेगे. पर मुझे तेरा लंड और चाहिए.

मे: ठीक है.

और फिर मैने उसको चूमते हुए कहा: 1 घंटे बाद करते है.

तो कुछ इस प्रकार मैने अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड को छोड़ा. अगर आपको कहानी पसंद आई तो कॉमेंट ज़रूर करना. और अगले पार्ट में मैं बतौँगा की कैसे हमने एक रोमॅंटिक आंड ब्दसम सेक्स किया. उमीद करता हू आप सब ये कहानी पढ़ोगे.

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